नई ‎दिल्ली । डीजल की कीमत में पिछले महीने 23 दिनों तक लगातार बढ़ोतरी होती रही। यदि ईंधन की कीमत दैनिक आधार पर बढ़ती रही तो ट्रकों के ‎किराए में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी हो सकती है, ‎जिसकी वजह से महंगाई बढ़ने का खतरा है। गौरतलब है कि ट्रक की परिचालन लागत में करीब 65 प्रतिशत हिस्सा ईंधन का है। दूसरा बड़ा खर्च टोल चार्ज है, जिसकी परिचालन लागत में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ऑल इंडिया मोटर्स ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) के पूर्व अध्यक्ष और कोर कमेटी के अध्यक्ष बाल मलकीत सिंह ने कहा ‎कि मांग पहले ही कम है और करीब 55 प्रतिशत वाहन पहले ही खड़े हैं। ऐसे में परिचालन को बनाए रखना मुश्किल है। कोरोना के चलते लागू किए गए लॉकडाउन से सड़क परिवहन क्षेत्र तबाह हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे में ट्रक परिचालन को बनाए रखने के लिए आज नहीं तो कल ‎किराए  में सुधार करना होगा। उन्होंने कहा कि उनके सामने इस लागत को ग्राहकों के ऊपर डालने के सिवा दूसरा कोई रास्ता नहीं है। इस समय कारोबार को बनाए रखने के लिए माल भाड़े में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी जरूरी है।